Home > Janmat Vichar

आखिर क्यों सूख गया… आँखों का पानी

.....एक ओर धर्म में नारी को माँ और शक्ति के रूप में पूजा जाता है और दूसरी ओर उसी पूजनीय नारी की अस्मत को तार तार कर दिया जाता है.आखिर एक ही समाज के यह दो पहलू  है. कहीं न कहीं इसे दूर करने के लिए हमारी न्यायपालिका ने बेहद सख्त कानून

Read More

वादों के ढेर में अपराधियों की ‘ऐशगाह’ बनती ‘योगी सरकार’

.....उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल तो पिछले एक साल से खड़े हो रहे हैं पर हर बार योगी के नेत्रत्व वाली भाजपा सरकार इसे विपक्ष की साजिश बताकर विषय से अपना पल्ला झाड लेती हैं। लेकिन एक कहावत है की यदि किसी मर्ज की दवा समय रहते

Read More

मसीहा या महापुरुष….

.....आज बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती है। बाबा साहेब समाज की अंतिम इकाई को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए बहुत अहम् योगदान दिया. उनके कार्यो के ही कारण आज भी हम उन्हें याद करते है. बाबा साहेब ने सार्वजान हिताय और सार्वजान सुखाय का नारा दिया. समाज के

Read More