कस्बा बार में आबकारी इंस्पेक्टर की मिली भगत से बेची जा रही है ओवर रेट पर शराब

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ललितपुर (जनमत):- क़स्बा बार के मुख्य बस स्टैंड पर स्थित देसी शराब सहित अंग्रेजी और बियर की दुकान संचालित हो रही है जो शबरी माता मंदिर से केवल पचास मीटर की दूरी पर है और दो सौ मीटर दूरी पर विंध्यवासिनी माता का मंदिर है ज़ब शाम होते शराबीयों का जमघट लगता है तो राहगीरों सहित मंदिर जाने वाली महिलाएं भी शराबियों की छीटाकसी से अछूती नहीं रहती । वही कस्बे के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब बेचीं जा रही जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान है क्योंकि अवैध रूप से बेचने वालों की कोई समय सीमा नहीं होती है जिससे शराबीयों को किसी समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है थोड़ी जेब जरूर अधिक ढीली करनी पड़ती है।

पंचायतो के फरमान से शराब बंदी का प्रयास

आजकल कस्बा क्षेत्र के कई गांवो में शराब बंदी को लेकर मुहिम चल रही है। जिसके पत्र सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे है। ज़ब ग्रामीण इलाकों को लोगो से इस संबंध में बातचीत की तो उन्होंने बताया की उनके गांवो में अवैध रूप से शराब बेचीं जा रही थी जिससे युवा पीड़ी बर्बाद हो रही थी आय दिन लड़ाईया और परिवार विखर रहे थे इसको बंद करने के लिए गांवो के प्रधानों को साथ लेकर गांवो के प्रतिष्ठित लोगो के साथ पंचायत की जिससे गांवो शराब बेचने बालो और पीने बालो को चेतावनी दी गयी की की जो भी इस प्रकार का कृत्य करेगा उसे समाज से बंचित रखने के साथ मंदिर के लिए आर्थिक दण्ड भी देना होगा। लगातार वायरल हो रहे पत्रों से स्पष्ट हो रहा है की गांवो गांवो अवैध रूप से शराब बेचीं जा रही है।

कस्बा की देशी शराब की दुकान से दो पहिया वाहनों से होती है गांव -गांव में सप्लाई

कस्बा बार में स्थित देशी शराब की दुकान से गांवो गांवो में अवैध रूप से शराब की पेटीया पहुंचाई जाती है जिसे गांवो के कुछ चिन्हित दुकानदार जो अवैध रूप से शराब बेचकर मोटी कमाई करना चाहते वह अधिक दामों पर शराब बेचकर मालामाल हो रहे जिससे आवकारी विभाग को लाखों का चूना लग रहा है साथ ही गांवो की आबादी शराब की लत की आदि होती जा रही है। पंजीकृत शराब के ठेकेदार द्वारा सुबह शाम गांवो में सेल्समैनो द्वारा शराब की पेटीयां भेजी जाती है तो कुछ गांवो शराब बेचने बाले स्वयं पेटी उठा कर ले जाते है।

समय से पहले एवं समय के बाद पीछे दरबाजे से बेचीं जाती है शराब
शराब विक्री का समय प्रशासन ने सुबह दस बजे से रात दस बजे तक का तय किया है लेकिन कस्बे की देशी शराब के सेल्समैन ठेकेदार की सह पर सुबह से ही शराब की विक्री दुकान के पीछे के दरबाजे से शुरू कर देते है जिसमे समय की पाबन्दी का हवाला बताकर अंगूर की बेटी के सौकीनो से अधिक रकम बसूली जाती है।

ओवर रेट पर लगाम लगाने में नाकाम आवकारी विभाग

कस्बे की शराब की दुकानों के ओवर रेट के वीडिओ लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है इसके बाद भी इन सेल्समेंन सहित ठेकेदारों पर कोई कड़ी कार्यवाही अमल अब तक नहीं लायी गयी यह माजरा समझ से परे है। जबकि की सेल्समेंन भी चिन्हित होते है पर इन दुकानों पर कब नये सेल्समैनो की ठेकेदार नियुक्ति कर दी पता नहीं चलता क्योंकि ठेकेदार को जैसे ही पता चलता है की विक्री और कमाई में गिरावट हो रही है तो सेल्समैन को बदल दिया जाता है। ऐसा नहीं की आवकारी विभाग को इसकी जानकारी नहीं है। एक सेल्समैन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की जो ओवर रेट से कमाई होती है उसका हिस्सा ऊपर तक भेजा जाता है तब जाकर ओवर रेट का खेल होता है इससे लगता है लक्ष्मी माता के आगे नतमस्तक होना आला अधिकारियो की मजबूरी और सेल्समेंनो की मजदूरी अच्छी खासी बन जाती है।

PUBLISHED BY – GAURAV UPADHYAY