जातिगत सर्वें के नाम पर आप का यूपी में नया पैतरा 

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लखनऊ/उत्तरप्रदेश (जनमत):- उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी वाली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की पिछले काफी समय से घेराबंदी करने की कोशिश कर रही आम आदमी पार्टी ने सरकार को घेरने के लिए एक नया पैतरा चला है। इस बार आप ने उत्तर प्रदेश में जातिगत सर्वे कराने की एक नई मुहिम शुरू की है। सर्वे में लोगों से पूछा जा रहा है कि क्या योगी सरकार में सिर्फ ठाकुर समाज के लोगों के लिए काम किया जा रहा है। 7447178543 से किये जा रहे जातिगत सर्वे में उन्ही लोगों से सवाल – जवाब किये जा रहे है ब्राह्मण समुदाय से ताल्लुक रखते थे। साथ ही फोनकर्ता लोगों से इस तरह के सर्वे को गोपनीय रखने की भी बात कर रहा है। इस तरह का सर्वे होने के खुलासे के बाद आनन – फानन में उच्च निर्देश के बाद लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में आईटी एक्ट और जातिगत भावना भड़काने की धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किया था। मामले में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने के बाद नया मोड़ तब आ गया जब आम आदमी पार्टी ने इस तरह के सर्वे कराने की बात क़ुबूल कर ली। मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार को चुनौती दी है कि सर्वे हमने कराया है पुलिस को जो कार्रवाई करनी है हम पर करें। पुलिस हमको जहा बुलाएगी वहा जायेंगे और पुलिस का सहयोग करेंगे। संजय सिंह का आरोप है कि असलियत सामने न आये इसलिए योगी सरकार इस तरह के सर्वे से डर चुकी है इसलिए उसने सर्वे को बंद करा दिया।

पिछले काफी समय से उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि तैयार करने की कोशिश में जुटी आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने का कोई भी मौका गवाना नहीं चाहती। कभी कानून व्यावस्था के मुद्दे पर तो कभी दलितों के साथ हो रहे उत्पीड़न को मुद्दा बनाकर तो कभी जेई और नीट की परीक्षा को मुद्दा बनाकर योगी सरकार के खिलाफ जमकर हो – हल्ला किया। वो बात अलग है कि प्रदर्शन के नाम पर सड़क पर छाती पीटने के बाद भी दोनों ही परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गई। सरकार किसी भी पार्टी की रही हो उसके खिलाफ नकारात्मक फैक्टर भी जरूर होता है। योगी सरकार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों में दुर्दान्त अपराधियों को चुन – चुन कर मुठभेड़ के नाम पर ढेर कर दिया गया और कईयों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई में उनकी सम्पत्ति और उनके साम्राज्य को भी तहस – नहस कर दिया गया। वो अलग मुद्दा है कि कार्रवाइयों के नाम पर योगी सरकार पर बदले की कार्रवाई करने का भी खूब आरोप लगा।

 

इन सबसे हटकर कानपुर के बिकरू वाले अपराधी विकास दूबे और उसके गुर्गो के खिलाफ योगी सरकार में जो कार्रवाई हुई उसकी निंदा भी खूब हुई। विकास दूबे समेत ऐसे तमाम अन्य मामलों में योगी सरकार पर एक ख़ास जाति को निशाना बनाने का भी खूब आरोप लगा। ऐसे ही मुद्दों की तलाश में जुटी आम आदमी पार्टी को मानों मन मांगी मुराद पूरी हो गई। इसके बाद इन्ही मुद्दें पर योगी सरकार की किलेबंदी के लिए आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में शुरू किया जातिगत सर्वे। जातिगत सर्वे के नाम पर एक ख़ास जाति के लोगों को फोन आने लगे और उनसे पूछा जाने लगा कि सरकार क्या सिर्फ ठाकुर समाज के लिए काम कर रही है। सवाल पूछने वाला साथ में यह भी जरूर कहता कि फोन के वार्तालाप के बारे में किसी को जानकारी न हो। गुपचुप तरीके से किये जा रहे इस तरह के सर्वे की भनक के बाद शासन के निर्देश के बाद न्याय संगत धाराओं में हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज हो जाता है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद संजय सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये सामने आते है और चुनौती भरें अंदाज में कहते है कि जातिगत सर्वे उन्होंने कराया है। जिसको जो बनता है उनके साथ कर के दिखाए। मामले में जाँच के नाम पर जनता के द्वारा दिए गए टैक्स के रूपये की बर्बादी न हो। संजय सिंह यह भी कहते है कि योगी सरकार इस तरह के सर्वे से भयभीत है। सरकार की असलियत सामने न आये इसलिए सर्वे को बंद कराया गया। पुलिसिया कार्रवाई करके फोन कॉल्स बंद कर दिए गए। सर्वे के सारे परिणाम और एक्वेपमेंट जब्त करा लिए गए। 63 प्रतिशत ही रिजल्ट सामने आये है। अगर आप की सरकार में दलितों, पिछड़ों और ब्राह्मणों का उत्पीडन नहीं हुआ तो सर्वे को क्यों बंद कराया गया। ढंके की चोट पर आप सांसद में इन्ही मुद्दों पर योगी सरकार पर कई अन्य गंभीर आरोप लगाए है।

Posted by – Anoop Chaudhary