मुख्यमंत्री जी ! मैं अपनी “किडनी” बेचना चाहता हूँ…. 😔

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अलीगढ़ (जनमत):- जिल्लत भरी जिंदगी से परेशान होने के बाद मायूस होकर बैंक का कर्ज उतारने के लिए प्ले स्कूल समिति के तीन लोगों ने किडनी बेचने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, बैंक का कर्ज उतारने और बिजली विभाग का भुगतान करने के लिए मुख्यमंत्री से तीन लोगों ने अपनी किड़नी बेचने की लगाई गुहार। अलीगढ़ कोरोना काल से अब तक बन्द हुए स्कूल के चलते पूरी तरह से बैंक से लिये गए लोन के कर्ज में डूबे स्कूल संचालक ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा और अपना कर्ज चुकाने के लिए स्कूल समिति के तीन लोग अपनी किडनी बेच कर लिए गए कर्ज को उतार कर बिजली विभाग के बिल का भुगतान करने के लिए इजाजत मांगी गई है।जहा स्कूल संचालक का कहना है कि जब स्कूल ही नही खुल रहे तो हम बिजली बिल और लोन की क़िस्त कहा से दे। आये दिन बिजली विभाग के कर्मचारी स्कूल का कनेक्शन काट देते है,और बैंक वाले स्कूल की नीलामी करने के साथ गाड़ी छीनने की धमकी देते है।

अलीगढ़ जिले के थाना बन्नादेवी इलाके के बरौला बाईपास हर्षिता यूनिक कॉलोनी के रहने वाले हर्षिता कान्वेंट स्कूल के संचालक सहित तीन लोगों ने अपनी किडनी बेचने के लिए मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में स्कूल प्रबंधक समिति द्वारा लिखा गया है कि मार्च 2018 में इनके द्वारा ऊपरकोट कोतवाली इलाके में बने आर्यव्रत बैंक से 23 लाख रुपये प्ले ग्रुप से कक्षा 8 तक का स्कूल निर्माण के लिया रुपये लोन लिया था। लिये गए जिस लोन की जून 2019 तक प्रत्येक किस्त सुचारू रूप से चली।तो वही 1 अप्रैल 2019 को स्कूल में आने वाले बच्चों को उनके स्कूल आवागमन के लिए 18 सीटर एक बस एचडीएफसी बैंक से फाइनेंस कराई गई थी। जिसके बाद एचडीएफसी बैंक की भी किस्त फरवरी 2020 तक सुचारु रुप से बैंक में जमा की गई।लेकिन इसी दौरान अगस्त 2019 में पिता डूंगर सिंह को दिल का दौरा पड़ा। दिल के इलाज के चलते उनकी मौत हो गई। जिसके बाद आर्यव्रत बैंक ऊपरकोट की किस्त नहीं भर सका। जिसके बाद 23 दिसंबर 2019 से 19 फरवरी 2020 तक  61200 रुपया आर्यव्रत बैंक ऊपरकोट में रुपये जमा करा दिए गए।

इसके बावजूद 14 सितंबर 2019 को एनआरसी और सीएए प्रोटेस्ट के चलते सरकार के द्वारा विद्यालयो को बंद करा दिए गए।जिसके बाद जनवरी के अंतिम सप्ताह तक बंद रहे। उसके बाद फिर फरवरी में विद्यालय के स्टाफ को प्रबंध किया गया। मार्च 2020 के प्रथम सप्ताह में होली थी। तो वही 14 मार्च 2020 को कोरोना की एडवाइजरी जारी होने के चलते विद्यालय बंद करा दिए गए। 23 मार्च 2020 को विद्यालय लॉकडाउन के कारण बंद हो गए। जिसके चलते 1 वर्ष से विद्यालय बंद होने से बच्चों की स्कूल में फीस नहीं आई तो बैंक से लिये गए लोन की किस्त भी जमा नहीं हो सकी।जहा लोन की किस्त नही जमा होने पर कर्ज लिए गए बैंकों के द्वारा रुपयों पर ब्याज पर ब्याज और नीलामी के साथ लिये गए रुपये से अतिरिक्त खर्च लगाकर विद्यालय की नीलामी की प्रक्रिया को ऊपरकोट कोतवाली क्षेत्र के आर्यव्रत बैंक और रीजनल मैनेजर के.यू. खान के द्वारा शुरू कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से स्कूल समिति के 3 लोगों ने बैंक से लिए गए लोन का कर्ज उतारने के लिए अपनी किडनी बेचने की मांग की है की एचडीएफसी बैंक के लोग तो इस प्रकार गुंडई करते है और लोगों के साथ गाली गलौज मारपीट करने के साथ गाड़ी में बैठे लोग या मरीज तक को गाड़ी से नीचे उतारकर गाड़ी तक छीन लेते हैं। तो वहीं इसके बाद कोरोना की दूसरी लहर चल पड़ी है। ऐसी परिस्थितियों में अब विद्यालय का खुलना संभव नहीं पायेगा। क्योंकि लोग एक बार फिर कोरोना और लॉकडाउन से पीड़ित होंगे तो उनसे फीस लेना सम्भव नहीं है।

PUBLISHED BY:- ANKUSH PAL...

REPORT- ABHISHEK SHARMA, ALIGARH.